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Monday, 19 October 2020

Success Mantra: सफलता पानी है तो याद रखें डॉ. कलाम के ये 7 मंत्र, बदल जाएगी जिदंगी



 मिसाइल मैन नाम से फेमस रहे डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की कही बातें हर उस युवा के भीतर नई ऊर्जा का संचार करती रही हैं जो जीवन से कहीं न कहीं निराश हो चुका होता है। कलाम आज भी युवाओं के लिए रोल मॉडल बने हुए हैं।  उन्होंने अपनी बातों से न सिर्फ युवाओं के दिल में जोश भरा बल्कि उन्हें  जीवन में सफलता हासिल करने का गुण भी सिखाया। आइए जानते हैं एपीजे अब्दुल कलाम की कही वो बातें जो आपके भीतर से नकारात्मकता बाहर खींचकर आपको सफलता का रास्ता दिखाने में आपकी मदद कर सकती हैं। 

1-जीवन में सफलता का आनंद तभी आता है जब कोई सफलता कठिनाई से प्राप्त की जाती है।


2-जीवन में पहली सफलता के बाद रूकें नहीं, क्योंकि यदि आप दूसरे प्रयास में असफल हो गए, तो लोग यही कहेंगे कि आपकी पहली सफलता भाग्य की वजह से मिली।

3-सपने तभी सच होते है जब हम सपने देखना शुरू करते है। सपना वो नहीं है जो आप नींद में देखे, सपने वो है जो आपको नींद ही नहीं आने दे।


4-यदि लगता है की आप अकेले है तो सबसे पहले आकाश की तरफ देखे, पूरा ब्रह्माण्ड आपका साथ देने के लिए तैयार है सिर्फ आपको मेहनत करने की जरूरत पड़ती है।


5-सपने हमारे तभी तभी सच हो सकते है जब सपनो को पूरा करने के लिए अपनी नींद तक का त्याग कर दें।


6-जब आपके हस्ताक्षर ऑटोग्राफ में बदल जाए तो समझिये की आप सफलता के रास्ते पर चल पड़े है।

7-किसी भी कार्य को पूर्ण करने के लिए इसे अपना लक्ष्य बनाना होगा और लक्ष्य तभी पूर्ण होते है जबके उसके प्रति आप समर्पित होते है।

Friday, 18 September 2020

Key of Success

जीवन के बुरे दिन भी देते हैं आगे बढ़ने की प्रेरणा

 आत्मविश्वास आपके भीतर मौजूद एक ऐसी शक्ति है, जो खुद पर भरोसा रखना सिखाती है। आपको यह दिखाने की जरुरत नहीं पड़ती कि आप में आत्मविश्वास है लेकिन कभी-कभी ऐसा होता है कि हम खुद में अपार सम्भावनाएं होने पर भी खुद पर भरोसा नहीं रख पाते। वहीं कभी-कभी ऐसा भी होता है कि हम संघर्ष के दिनों में हम कमजोर पड़ जाते हैं, ऐसे मेें आपको कुछ बातोंं को हमेेेेेशा याद रखना चाहिए, जिससे कि आप बुरे से बुरे दिनों का भी डटकर मुकाबला कर सकें।


दूसरों के साथ न करें खुद की तुलना 

याद रखें कि एक घर में रहने वाले दो लोगों की जीवन यात्रा एक जैसी नहीं हो सकती। ऐसे में अपने संघर्षों को खुद समझते हुए देखें कि आप समय बीतते हुए कितना आगे बढ़ रहे हैं। तुलना करने पर हमेशा एक का महत्व कम हो जाता है। 

अपने शरीर का ध्यान रखें 


एक सेहतमंद शरीर के साथ ही आप कई चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। फिट रहने पर आप आत्मविश्वास से भरे हुए होते हैं जबकि कई रोगों से घिरे होने पर आपका ध्यान सिर्फ इन्हीं बातों पर जाता है इसलिए अपने शरीर का ध्यान रखें, जिससे कि आपका आत्मविश्वास बढ़ें। 

 

खुद की गलतियों से सीखें इसे हावी न होने दें 


गलतियां सभी से होती हैं। ऐसे में बहुत जरूरी है कि अपनी गलतियों से सीखें न कि इसे खुद पर हावी होने दें। आप हमेशा अपनी गलतियों के बारे में सोचेंगे, तो आपका आत्मविश्वास डगमगाने लगेगा। 

 

बीते बुरे दिनों को याद करें 


कोई भी बुरे दिन याद नहीं करना चाहता लेकिन जब भी आपका आत्मविश्वास डगमगाने लगे, तो अपने बुरे दिनों को याद करें कि आप कैसे उन दिनों से निकलकर हर दिन बेहतर हुए हैं। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। 

 

अपनी तारीफ या बुराई को गंभीरता से न लें 


मानव स्वभाव है हमें अपनी तारीफें सुनना पसंद होता है लेकिन तारीफों के पीछे छुपे कारणों को समझना बहुत जरूरी है। खुद का मूल्याकंन करें कि आप में क्या प्रतिभा है। किसी की तारीफ या बुराई को मन से लगाकर न रखें।

Monday, 23 March 2020

विश्वास जगाये, डर भगाइये


         वास्तव में डर एक शक्तिशाली भावना है। किसी न किसी रूप में डर लोगों को वह हासिल करने से रोकता  है जो वे जीवन में हासिल करना चाहते हैं। 
         इसके लिए सबसे पहले हमें उपचार के पहले की तैयारी करनी होगी। यह जानना होगा की आत्माविश्वास आसमान से आकर हमारे दिमाग में नहीं  घुसता, बल्कि  हासिल  किया जाता  है, विकसित  किया जाता है। कोइ भी  आदमी  आत्माविश्वास  के  साथ  पैदा नहीं  होता। जिन लोगों  में  आत्माविश्वास  प्रचुरता  में  होता  है, जिन्होने चिंता  को जीत  लिया  है, जो हर जगह और हर कहीं  बेफिक्री से  आते-जाते हैं, उन्होंने  यह आत्माविश्वास  धीरे-धीरे  हासिल  किया  है। 


आप भी ऐसा ही कर सकते हैं। यह अध्याय आपको बतायेगा, कैसे। 
          द्वितीय  विश्वयुद्ध में नैवी‌ ने यह फैसला किया कि इसके सभी नये रंगरूटों को तैरना आना चाहिये। इसके पीछे यह विचार था कि तैरना आने से किसी डूबते आदमी की जान बचाई जा सकती हैं।
           जिन लोगों को तैरना नहीं आता था, उनके लिए तैरने की कक्षाएं आयोजित की गई।सतही तौर पर यह देखना मजेदार था कि इतने बड़े-बड़े ,जवान और सर्वसमर्थ लोग कुछ फुट गहरे पानी में कूदने से घबरा रहे थे। इन लोगों को छह फूट ऊॅचे स्टैंड से पानी में कूदना था और पानी सिफॅ ८ फुट गहरा था। हालांकि आसपास बहुत से विशेषज्ञ तैराक खडे़ थे और जान का कोई जोख़िम नहीं था, फिर भी  ये वयस्क लोग बुरी तरह आतंकित थे।
           गहराई से सोचने पर यह दुखद प्रसंग था। उनका डर वास्तविक था। परंतु उनमें और हार के डर के बीच में केवल एक ही चीज़ आड़े आ रही थी,और वह थी नीचे के पानी में छलांग । एक से ज़्यादा बार मैंने देखा कि इन युवकों को बोर्ड से ' अनपेक्षित ' धक्का दे दिया गया । और इसका परिणाम यह हुआ कि पानी से उनका डर हमेशा के लिये दूर हो गया ।
हज़ारों भूतपूर्व नेवी के जवान इस घटना से परिचित होंगे । इस घटना से हमें यह शिक्षा मिलती हैः काम करने से डर दूर होता है । दुविधा में रहने या अनिर्णय की स्थिति में रहने से या काम टालने से हमारा डर बढ़ता है ।
            इसे अभी हाल अपनी सफल नियमों की पुस्तिका में लिख लें । काम करने से डर दूर होता है ।


              कर्म के सिद्धांत पर अमल करें । अगली बार जब भी आपको डर लगे, चाहे डर छोटा हो या बड़ा , अपने आपको संभालें । फिर इस सवाल का जवाब ढूंढे: 'किस तरह के काम से मैं अपने डर को जीत सकता हूॅ ? ' 

अपने डर का कारण खोज लें । फिर उचित कदम उठायें ।
डर और उनके उपचार के कुछ उदाहरण नीचे बताये गये हैं ।

         डर का प्रकार                                   इलाज
1 . रंगरूप के कारण झिझक:- अपना हुलिया सुधारिये । नाई                                     की दुकान या ब्यूटी पार्लर में  जाइये। जूते चमकाइये । साफ और प्रेस किटे हुये कपड़े पहनिये । बेहतर ढंग से तैयार होइये । अच्छा दिखने के लिये हमें हमेशा नये कपड़ों की ज़रूरत नहीं होती । 

2 . किसी महत्वपूर्ण ग्राहक को खो देने का खतरा:-
                                      बेहतर सेवा देने की दगनी कोशिश करें। ऐसी हर चीज़ को सुधार लें जिससे आपके ग्राहकों का आपमें विश्वास कम होता हो ।

3 . परीक्षा में फेल हो जाने का डर:- चिंता में समय गंवाने के                                      बजाय इस समय को पढ़ने में लगायें।

4 . यह डर कि दूसरे  लोग क्या सोचेंगे या क्या कहेंगे:-
यह सुनिश्चित कर लें कि आप जो करना चाहते हैं वह सही है । फिर उस काम को कर दें । किसी भी आदमी ने बिना आलोचना के कोई महत्वपूर्ण काम कभी नहीं किया । 

5 . निवेश करने या घर खरीदने के पहले का डर:- 
सभी पहलुओं पर विचार कर लें ।  फिर फैसला करें । एक बार फैसला करने के बाद आप उसी के हिसाब से काम करें । अपनी बुद्धि और अपने निर्णय में विश्वास रखें ।

6 . लोगों का डर:- चीज़ों को सही नज़रिये से देखें । याद रखें ,                        सामने वाला आदमी भी आप ही की तरह                             एक इन्सान है ।

डर का इलाज करने और विश्वास हासिल करने के लिये ये दो कदम उठायें :
1)डर का असली कारण पता करें । यह तय कर लें कि आप वास्तव में किस चीज़ से डर रहे हैं ।

2) फिर कर्म करें । हर तरह का डर किसी न किसी तरह के काम से दूर हो सकता है ।

            और याद रखें , झिझकने से आपका डर बढ़ता ही है, कम नहीं होता । इसलिये देर न करें, बल्कि तत्काल काम में जुट जायें । फैसला करें । 


Success Mantra: सफलता पानी है तो याद रखें डॉ. कलाम के ये 7 मंत्र, बदल जाएगी जिदंगी

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